Tuesday, January 15, 2019

आरक्षणः 'जुलाई से उच्च शैक्षणिक संस्थानों में होगा लागू'- प्रेस रिव्यू

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जुलाई से सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण लागू होगा.

जल्द ही इस बारे में आदेश जारी होंगे, जिसके बाद 2019-20 सत्र में सामान्य वर्ग के लिए ये आरक्षण लागू होगा.

ये आरक्षण निजी संस्थानों पर भी लागू होगा. इस संबंध में बजट सत्र में सरकार बिल ला सकती है.

अख़बार लिखता है कि इसके तहत हर पाठ्यक्रम में 25 फ़ीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ''आरक्षण की वजह से पहले से लागू एसटी, एससी और ओबीसी के आरक्षण के साथ किसी तरह के छेड़खानी नहीं की जाएगी. इसके लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी.''

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, पीएम नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में कहा है कि उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश हो रही है.

मोदी ने कहा, ''हमारी सरकार ने फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए 90 हज़ार करोड़ रुपये की लूट पर रोक लगा दी है. इसलिए हटाने की साजिश हो रही है.''

पीएम ने कहा, ''हमने पिछली सरकारों में बिचौलियों की ओर से की जाने वाली सरकारी धन की लूट पर रोक लगा दी है. हमने छह करोड़ से ज़्यादा फर्जी राशन कार्ड, एलपीडी कनेक्शन और फर्जी पेंशन का भंडाफोड़ किया है. इन गड़बड़ियों को रोककर 90 हज़ार करोड़ रुपये बचाए.''

ओडिशा में मोदी एक सरकारी समारोह में शामिल हुए थे.

मोदी ने कहा, ''केंद्र सरकार ने एक कुछ लोगों के गैरकानूनी हितों के सामने अड़चन पैदा कर दी है. इसलिए वो लोग मेरे ख़िलाफ झूठे आरोप लगाकर देश के चौकीदार को हटाने के लिए हाथ मिला रहे हैं.''

हिंदुस्तान अख़बार की ख़बर के मुताबिक़, सीबीआई के कथित तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की फोन टैपिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार और सीबीआई से जवाब मांगा है.

इस केस की जांच के लिए एसआईटी बनाने की मांग की गई है.

केस से संबंधित दायर याचिका में फोन टैपिंग और टेक्निकल सर्विलांस के लिए दिशा-निर्देश बनाने की भी मांग की गई है.

हाईकोर्ट ने सरकार और सीबीआई से 26 मार्च से पहले जवाब देने के लिए कहा है.

एक वकील की ओर से दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीबीआई के तत्कालीन निदेशक, आलोक वर्मा और विशेष निदेशक के बीच चल रहे विवाद के दौरान डोभाल और अन्य लोगों के फोन टैप किए गए.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, अमरीका में वाइट हाउस प्रशासन पेप्सी की पूर्व सीईओ इंदिरा नूयी को विश्व बैंक का प्रमुख बनाने पर विचार कर रहा है.

अखबार ने ये ख़बर द न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के हवाले से की है, जिसमें ये कहा गया था कि डोनल्ड ट्रंप की बेटी इंवाका ने इंदिरा का नाम विश्व बैंक की मुखिया के तौर पर आगे कर रही हैं.

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