Tuesday, February 19, 2019

ये र‍िश्ता... में होने जा रहा है नायरा और कार्त‍िक का तलाक

टीवी शो ये र‍िश्ता क्या कहलाता है में इन दिनों नायरा और कार्त‍िक के बीच दूरियां बढ़ गई हैं. इन दूर‍ियों की वजह कार्त‍िक का उठाया कदम है. लेकिन यह बात इतनी आगे तक पहुंच जाती है कि नायरा बहुत जल्द कार्त‍िक को तलाक तक दे सकती है. स्पॉटबाय की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक, शो में नायरा और कार्त‍िक के बीच आई दूर‍ियां एक नई लवस्टोरी को द‍िखाने जा रही हैं.

दरअसल, दोनों के बीच इस कहानी की शुरुआत हुई थी, जब नायरा प्रेग्नेंट थी, उसी वक्त कार्त‍िक की बहन कीर्त‍ि भी प्रेग्नेंट थी. लेकिन एक हादसे में दोनों अस्पताल में एडमिट हो जाते हैं. इस दौरान नायरा का बच्चा मर जाता है और कीर्त‍ि बच्चे को जन्म देने के बाद कोमा में चली जाती है. सीर‍ियल के इस टर्न में कार्तिक एक बड़ा कदम उठाता है. वो कोमा में गई अपनी बहन कीर्त‍ि का बच्चा नायरा को दे देता है. बच्चा बदले जाने की खबर जब कीर्त‍ि के पत‍ि और नायरा के भाई नक्ष को लगती है तो वो नायरा को कार्त‍िक से सारे र‍िश्ते तोड़ने को कहता है.

शो में नक्ष और कार्त‍िक के बीच आई खटास द‍िखाई जा रही है. स्पॉटबाय की रिपोर्ट के मुताब‍िक नायरा और कार्त‍िक के र‍िश्ते में इसका असर आता है. लेकिन

इस बीच नायरा का  एक्सीडेंट हो जाता है और वो अपनी याददाश्त खो बैठती है. अब आने वाले एप‍िसोड में कार्त‍िक एक बार फिर नायरा को पाने की कोश‍िश में लग जाएगा. दोनों के बीच की लव स्टोरी दर्शकों को एक बार फिर नजर आएगी.

67 लाख आधार नंबर लीक हुए हैं, ये दावा है कि फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर Robert Baptiste का. इन्होंने इससे पहले भी आधार लीक का खुलासा किया है. मीडियम रॉबर्ट ने एक ब्लॉग लिखा है. इसमें कहा गया है कि इंडिन गैस एजेंसी इंडेन ने 67 लाख आधार नंबर्स लीक कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक डीलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स के लिए इंडेन की वेबसाइट्स है जहां से ये डेटा लीक हुआ है.

हालांकि इस बार उन्होंने जो दावा किया है वो किसी दूसरे सिक्योरिटी रिसर्चर के हवाले से है जिन्होंने अपनी पहचान जाहिर करने से मना किया है. सिक्योरिटी रिसर्चर ने कस्टम टूल के सहारे 11 हजार इंडेन डीलर्स का कस्टमर डेटा कलेक्ट करने का दावा किया है. इस डेटा में कस्टमर का नाम, पता और आधार नंबर शामिल है.

भारत में इंडेन के 90 मिलियन से ज्यादा कस्टमर्स हैं. आधार की बात करें तो लगभग 90 फीसदी से ज्यादा भारतीय के पास अब आधार है. आधार की सिक्योरिटी को लेकर बहस पहले से ही चलती आई है. इससे पहले भी आधार लीक के कई मामले आए हैं और ये ताजा मामला एक बार फिर से आधार की सिक्योरिटी और प्रिवेसी को लेकर डिबेट शुरू कर सकता है. हालांकि यह थर्ड पार्टी लीक है, इसलिए शायद इस मामले पर UIDAI कुछ न कहे.

हालांकि इस वेबसाइट में ऐक्सेस के लिए यूजरनेम और पासवर्ड की जरूरत होती है, लेकिन इस वेबसाइट का एक पार्ट गूगल में इंडेक्स्ड है. इससे कोई भी लॉगइन पेज को बाइपास करके डीलेट के डेटाबेस में आसानी से एंटर कर सकता है.

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